Friday, July 31, 2020

उधम_सिंह (स्वतंत्रता सेनानी)

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उधम_सिंह (स्वतंत्रता सेनानी)
उधम सिंह भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे
उधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनम गांव में हुआ था
उधम सिंह के बचपन का नाम शेर सिंह था
उधम सिंह के पिता सरदार तेजपाल सिंह रेलवे कर्मचारी थे
उधम सिंह के जन्म के 2 वर्ष बाद उनके मां का निधन हो गया और 8 वर्ष बाद पिता का निधन हो गया था
माता पिता के निधन के बाद चाचा ने इन्हें अमृतसर के खालसा अनाथ आश्रम छोड़ गए
आश्रम में सिख दीक्षा संस्कार लेते समय इनका नाम उधम सिंह रखा गया
1918 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 1919 में उधम सिंह ने आश्रम छोड़ दिया
1919 से ही स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने लगे
1924 में उधम सिंह गदर पार्टी में शामिल हुए
जब 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला हत्याकांड की घटना घटी तब उधम सिंह इस विशाल सभा के लिए पानी की व्यवस्था में लगे हुए थे
जलियाबाग की हत्या कांड में हजारों लोग मारे गए थे
जलियाबाग का सबसे बड़ा आरोपी जनरल डायर था
उधम सिंह ने अपनी हाथ में इस बाग की मिट्टी लेकर इसका बदला लेने का कसम खाए 
उधम सिंह जनरल डायर को मारने के लिए कई देशों से होते हुए लंदन पहुंच गए
लंदन में उधम सिंह इंडियन हाउस में रहते थे
जनरल डायर को मारने के लिए उधम सिंह ने अपना नाम आजाद रख लिया था
वहां उधम सिंह ने एक औरत की जान बचाई तो उसने उधम को अपना भाई मान लिया यह औरत जनरल डायर की लड़की की दोस्त थी
जनरल डायर की लड़की उधम सिंह से हिंदी सीखी थी उसने गुरु दक्षिणा में उधम सिंह को बंदूक दी थी
उधम सिंह इसी बंदूक से 13 मार्च 1940 को लंदन के सेक्सटन हॉल में जनरल डायर को उसी तरह गोलियों से भून डाला जैसा उसने जलियाबाग में लोगों पर किया था
उधम सिंह को अपनी कसम पूरा करने में 21 साल लग गए थे
उधम सिंह को हिरासत में ले लिया गया और उन पर मुकदमा चलाकर फांसी की सजा सुनाई गई
31 जुलाई 1940 को उधम सिंह को फांसी दे दी गई
31 जुलाई 1974 को ब्रिटेन ने उधम सिंह के अवशेष भारत को सौंपी
भारत ने सम्मान पूर्वक उनके अवशेष को उनके गांव में समाधि बना दी
उत्तराखंड के एक जिले का नाम उधम सिंह के नाम पर उधम सिंह नगर रखा गया है
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🤝🏻अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस🤝🏻

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📜30जुलाई📜

      🤝🏻अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस🤝🏻

अंतरराष्ट्रीय मैत्री दिवस (अथवा फ्रेंडशिप डे) प्रत्येक वर्ष विश्व के कई देशों में मनाया जाता है। हालांकि दोस्ती का यह त्योहार दुनियाभर में अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है, लेकिन इसके पीछे की भावना हर जगह एक ही है- "दोस्ती का सम्मान"। दक्षिण अमेरिकी देशों से शुरू हुआ यह त्योहार उरुग्वे, अर्जेटीना, ब्राजील में 20 जुलाई को, पराग्वे में 30 जुलाई को, जबकि भारत, मलेशिया, बांग्लादेश आदि दक्षिण एशियाई देशों सहित दुनियाभर के बाकी देशों में यह अगस्त महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है।



💠International Friendship Day 2020: दोस्ती के नाम का सबसे खास दिन, जानें कैसे हुई फ्रेंडशिप डे की शुरुआत

  
International Friendship Day 2020: कहते हैं कि अगर आपके पास अगर कोई बढ़िया दोस्त है तो फिर शायद ही आपको कभी लाइफ में किसी दूसरी चीज की कमी खलें। दुनिया में दोस्ती से बढ़कर दूसरा कोई रिश्ता नहीं होता है। हर साल को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।

इस साल का अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस या फ्रैंडशिप डे 30 जुलाई को मनाया जा रहा है। । सर्वप्रथम मित्रता दिवस 1958 को आयोजित किया गया था। इस मौके पर अपने फ्रैंड को यह शुभकामनाएं भेज सकते हैं।  इस दिन दोस्तों के लिए गिफ्ट्स खरीदना, पार्टी करना, दोस्तों को स्पेशल मैसेजेस भेजना और आउटिंग की जाती है।

इस दिन दोस्त एक-दूसरे को चॉकलेट्स, फूल, ग्रीटिंग कार्ड्स, फ्रेंडशिप बैंड जैसी कई चीजें देते हैं। इस खास दिन को दोस्त के साथ मनाने से पहले आपने कभी सोचा है कि इस दिन की शुरुआत कैसे हुई? आखिर ये फ्रेंडशिप डे कब शुरू हुआ? आइए आपको बताते हैं इसके बारे में सब कुछ-@prerak_1

💠इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे

दुनियाभर के अलग-अलग देशों में फ्रेंडशिप डे अलग-अलग दिन मनाया जाता है। 27 अप्रैल 2011 को संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा ने 30 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे घोषित किया। हालांकि, भारत समेत कई देशों में अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।

💠फ्रेंडशिप डे का इतिहास

फ्रेंडशिप डे की शुरुआत 1935 में अमेरिका से हुई थी। अगस्त के पहले रविवार को अमेरिकी सरकार ने एक व्यक्ति को मार दिया था, जिसकी याद और गम में एक दोस्त ने सुसाइड कर लिया था। तभी से उस दिन को सरकार ने अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

 💠फ्रेंडशिप डे से जुड़ी कुछ फेमस कहानियां

साल 1930 में एक व्यापारी ने इस दिन की शुरुआत की थी। जोएस हाल नाम के व्यापारी ने सभी लोगों के लिए एक दिन ऐसा रखा जिसमें दो दोस्त आपस में एक दूसरे को कार्ड देते हुए इस दिन को सेलीब्रेट कर सकें। इस खास दिन को मनाने के लिए उस व्यापारी ने 2 अगस्त के दिन को चुना था। बाद में बहुत से देशों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए फ्रेंडशिप डे को मनाने का फैसला किया गया।

20 जुलाई 1958 को डॉक्टर रमन आर्टिमियो ने एक डिनर पार्टी के दौरान अपने दोस्तों के साथ मित्रता दिवस मनाने का आईडिया दिया। पराग्वे में हुई इस घटना के बाद विश्व में फ्रेंडशिप डे मनाने की परंपरा पर खासा ध्यान दिया गया। पैराग्वे में इस दिन को काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
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Thursday, July 30, 2020

संजूय दत्त की जिंदगी भी एक फिल्म

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        संजूय दत्त की जिंदगी भी एक फिल्म 

* संजय दत्त की जिंदगी पर राजकुमार हिरानी 'संजू' नाम की एक बायोपिक फिल्म लेकर बनाये हैं जिसमें रणबीर कपूर, दिया मिर्जा, सोनम कपूर, मनीषा कोईराला और परेश रावल जैसे सितारें है
* संजूय दत्त की जिंदगी भी एक फिल्म की तरह ही है, जहां कई उतार-चढ़ाव रहे हैं
* उनकी जिंदगी में रोमांस, एक्शन, धोखा, ड्रग्स-अंडरवर्ल्ड सबकुछ रहा है
* संजय दत्त जब नरगिस के पेट में थे उस वक्त उनके पिता सुनील दत्त और मां ने रेडियो पर एक एड दिया था जिसके तहत लोगों से बच्चे का नाम पूछा गया था
* कई नामों के बाद नरगिस को संजय नाम पसंद आया, उस वक्त नरगिस ने सोच लिया कि अगर उनके घर बेटा जन्मा तो उसका नाम वो लोग संजय ही रखेंगे इस तरह संजय दत्त का नाम रखा गया
* संजय दत्त जब जेल में थे उस वक्त उन्हें पेपर बैग बनाने का काम दिया गया था, जिसके लिए उन्हें दिन के 50 रुपये मिला करते थे
* इसके साथ ही संजू जेल के रेडियो के लिए रेडियो जॉकी का काम भी किया करते थे
* सारे कैदी तो संजय दत्त से मिल नहीं पाते थे, लेकिन रेडियो के जरिए संजय दत्त उन्हें अपनी जिंदगी के रोचक किस्से सुनाया करते थे
* आपको बता दें, संजय दत्त बहुत अच्छे स्टोरी टेलर भी हैं
* संजय दत्त जब जेल से बाहर निकले उस वक्त उनकी कमाई 30 हजार रुपये से ज्यादा हो चुकी थी, जिसमें से वो सारी इनकम जेल की कैंटीन में खर्च कर चुके थे उनके पास बस 400 रुपये थे जो उन्होंने अपनी वाइफ मान्यता दत्त को जेल से बाहर आने के बाद सौंपे थे
* संजय दत्त को ड्रग्स की बुरी लत थी। फिल्म रॉकी की शूटिंग के दौरान भी संजय दत्त नशे में रहा करते थे उनकी लत इतनी ज्यादा थी कि वो शूट पर भी नशे में जाते थे
* एक बार तो उन्हें मां के इलाज के लिए न्यू यॉर्क जाना था, नशे के बगैर वो रह नहीं सकते थे इसलिए उन्होंने अपनी शॉक्स में ड्रग्स छिपा लिए थे। उस वक्त संजय दत्त को ये एहसास नहीं था, बाद में एक इंटरव्यू में संजय ने माना कि ये बहुत बड़ी गलती थी, अगर मैं पकड़ा जाता तो मेरे साथ यात्रा कर रही मेरी बहनें भी जेल में होती
* संजय दत्त ने पहली बार सिगरेट जब पी थी उस वक्त उनकी उम्र महज 9 साल थी
* पिता सुनील दत्त से मिलने कई निर्माता-निर्देशक आया करते थे और वो बची हुई सिगरेट वहीं छोड़ देते थे। संजू उन सिगरेट को छिपकर पीने लगते थे
* एक बार जब सुनील दत्त ने संजय को ऐसा करते पकड़ा तो वो बहुत नाराज हुए और सोचा यहां उसे बहुत प्यार किया जाता है इसलिए वो बिगड़ गए हैं। इस वजह से सुनील दत्त ने उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेज दिया
* संजय दत्त को पढ़ाई करने का बिल्कुल मन नहीं था, वो बस फिल्मों में काम करना चाहते थे। लेकिन सुनील दत्त का कहना था कि आगे तुम्हें जो भी करना हो करो लेकिन तुम्हारा ग्रेजुएट होना बहुत जरूरी है
* इसके बाद उनका एडमिशन मुंबई के कॉलेज में करवाया गया, लेकिन वो एक दो दिन से ज्यादा क्लास में नहीं गए। यही वो दौर था जब वो गलत संगत में पड़ गए और उन्हें हैवी ड्रग्स लेने की लत पड़ गई
* जब संजू की पहली फिल्म रॉकी रिलीज होनी थी उस वक्त उनकी मां नरगिस की हालत बहुत खराब थी। उनका कैंसर लास्ट स्टेज पर था। लेकिन वो बेटे की डेब्यू फिल्म देखना चाहती थीं। उन्होंने सुनील दत्त से ये इच्छा जाहिर की तो उन्होंने पूरा इंतजाम कर लिया। स्ट्रेचर मंगवा लिया गया, अस्पताल के डॉक्टरों से बात कर ली गई, लेकिन फिल्म की रिलीज से 5 दिन पहले ही 3 मई को नरगिस का देहांत हो गया
* जब रॉकी की स्क्रीनिंग हुई उस वक्त सुनील दत्त ने एक कुर्सी नरगिस के लिए खाली रखी थी
* संजय दत्त और टीना मुनीम की मुलाकात फिल्म रॉकी के सेट पर हुई थी, यहीं से उनका प्यार परवान चढ़ा। दोनों का रिश्ता करीब दो साल तक चला लेकिन संजू की ड्रग्स आदत और पजेसिवनेस से परेशान टीना ने संजय से रिश्ता तोड़ लिया
* रॉकी की शूटिंग के दौरान एक आदमी टीना को छेड़ने लगा, जिसे देखकर संजय दत्त आगबबूला हो उठे। उन्होंने उसे मारना शुरू कर दिया। टीना ने ये सब देखा तो बहुत डर गईं। बाद में संजय दत्त ने भी एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि उस वक्त वो यंग थे और टीना के लिए बहुत पजेसिव भी। इसलिए उस वक्त जब मैंने किसी आदमी को टीना के साथ बदतमीजी करते देखा तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने उसे पीट दिया
* टीना से ब्रेकअप के बाद भी संजय दत्त उनके लिए बहुत पजेसिव थे। टीना उस वक्त ऋषि कपूर के साथ किसी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। मीडिया में खबरें आ रही थीं कि टीना और ऋषि का अफेयर चल रहा है। संजय ने जब ये खबर सुनी तो अपने दोस्त गुलशन ग्रोवर के साथ ऋषि कपूर के घर लड़ने पहुंच गए। जब ऋषि की पत्नी नीतू कपूर ने उन्हें समझाया कि ये खबर गलत है तब जाकर संजय माने और वापस लौटे
* टीना से ब्रेकअप के बाद संजय दत्त ने किमी कटकर को अपनी गर्लफ्रेंड बनाया। किमी अपने बोल्ड रोल की वजह से सुर्खियों में रहती थीं। हालांकि दोनों का अफेयर ज्यादा लंबा नहीं चला और संजय की ड्रग्स के चलते ही दोनों का ब्रेकअप हो गया
* संजय दत्त की ड्रग्स की हालत बहुत बढ़ती जा रही थी। एक बार उनके पिता सुनील दत्त ने उन्हें अपने ऑफिस बुलाया वो नशे में ही वहां पहुंच गए। जब सुनील दत्त उनके सामने आए तो संजू को लगा कि पापा के सिर पर आग लगी है। वो सुनील दत्त के ऊपर झपट पड़े और उनके सिर से आग बुझाने लगे। उस वक्त सुनील दत्त को समझ में नहीं आया कि ये उनके बेटे को हो क्या गया है। वो बहुत परेशान हो गए और तब उन्हें पता चला कि उनका बेटा ड्रग्स लेता है
* एक बार संजय दत्त जब सोकर उठे तो उनके नौकर उन्हें देखकर रोने लगे, जब संजय ने कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वो पूरे दो दिन बाद उठे हैं। इसके बाद संजय दत्त ने शीशे में जाकर अपना चेहरा देखा, और उस वक्त उन्होंने सोच लिया था कि अब बहुत हो गया अब उन्हें ड्रग्स से पीछा छुड़ाना है। इसके बाद उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त से कहा कि वो ड्रग्स से छुटकारा चाहते हैं उन्हें रिहैब सेंटर भेज दो। संजय दत्त करीब एक साल तक रिहैब सेंटर में रहे
* संजय जब रिहैब सेंटर में थे उस वक्त उनकी दोस्ती एक बिजनेसमैन से हो गयी थी, उन्होंने संजय दत्त को बिजनेस पार्टनर बनाने का ऑफर दिया संजय को भी ये बात अच्छी लगी और रिहैब से लौटने के बाद उन्होंने ये बात अपने पिता के सामने रखी। लेकिन पिता सुनील दत्त ने कहा कि उन्हें एक बार और फिल्मों में ट्राई करना चाहिए संजय का मन तो नहीं था लेकिन पिता की बात रखने के लिए वो वापस फिल्मों में आ गए
* रिहैब सेंटर से लौटने के बाद वो ठीक ढंग से और अनुशासन से रहने लगे। उन्होंने बॉडी बिल्डिंग मे अपना ध्यान लगाया और भारत के पहले बॉलीवुड सेलिब्रिटी बन गए जिन्होंने बॉडी बिल्डिंग का कल्चर शुरू किया
* संजय ने जब बॉलीवुड में वापसी की तो उनकी बैक टू बैक 2 फिल्में फ्लॉप हो गईं, उन्हें एक हिट फिल्म की जरूरत थी। जो उन्हें मिली नए डायरेक्टर से जिन्हें पूरी दुनिया आज महेश भट्ट के नाम से जानती है। फिल्म का नाम था 'नाम'। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही
* संजय दत्त आज भी महेश भट्ट के शुक्रगुजार रहते हैं, वो मानते हैं कि महेश भट्ट ने ही उन्हें बॉलीवुड में रीलॉन्च किया
* 1986 का दौर संजय के लिए अच्छा था। उनकी फिल्में हिट हो रही थीं और ड्रग्स की प्रॉब्लम भी खत्म हो गई थी। उसी दौरान उनकी मुलाकात ऋचा शर्मा से हुई। ऋचा बॉलीवुड में नई थीं, और संजय उन्हें बहुत पसंद करने लगे थे। एक साल के अंदर ही 1987 में दोनों ने न्यू यॉर्क में शादी कर ली। एक साल के अंदर ही दोनों के घर एक नन्हीं परी त्रिशला का जन्म हुआ। लेकिन सब कुछ अच्छा तो नहीं होता, त्रिशला के जन्म के दो महीने बाद ही ऋचा के सिर में दर्द रहने लगा
* संजय एक बार शूट के लिए बाहर थे, शूट खत्म करके वो लौट रहे थे कि एयरपोर्ट पर उनके लिए एक कॉल आया, उधर से डॉक्टर बोल रहे थे उन्होंने तुरंत संजय को अस्पताल बुलाया और बताया कि उनकी वाइफ ऋचा के सिर में कैंसर का ट्यूमर है
* संजय की पत्नी न्यू यॉर्क में जब कैंसर का इलाज करा रही थीं उस वक्त उनकी मुलाकात माधुरी दीक्षित से हुई, दोनों का अफेयर भी शुरू हो गया। ऋचा ने अपने कई इंटरव्यू में इस बात को खुलेआम कहा है कि माधुरी की वजह से ही उनकी शादी में दरार आई थी
* दूसरी तरफ संजय के कोर्ट केस की वजह से माधुरी दीक्षित ने भी उनसे रिश्ता तोड़ लिया, और कभी भी उनसे मिलने जेल नहीं आईं। ना ही कभी कोई फिल्म की
* ऋचा और संजय के तलाक का केस भी शुरू हो गया। संजय अपनी बेटी की कस्टडी चाहते थे लेकिन ऋचा की फैमिली इसके खिलाफ थी क्योंकि संजय पर केस चल रहा था। ये केस 5 साल तक चला जिसके बीच ऋचा का कैंसर फिर से उभर आया और 1996 में उनकी मौत हो गई
* जब त्रिशला 10 साल की हुईं तो कोर्ट ने कहा कि संजय उनके बायलॉजिकल फादर हैं इसलिए उन्हें ही त्रिशला की कस्टडी मिलेगी। लेकिन तब तक संजय का मन बदल गया और उन्हें लगा कि उनकी बेटी 10 साल तक यूएस में रही है तो उसे वहीं अच्छा लगेगा और उसे वहीं रहना चाहिए। तब से लेकर अब तक त्रिशला वहीं रही हैं और संजय दत्त आज भी उनसे कॉन्टैक्ट में रहते हैं
* 1999 में आई फिल्म यल्गार वैसे तो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन यह संजय दत्त की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने वाली थी। इस फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर फिरोज खान ने संजय दत्त की मुलाकात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से करवाई, यहीं से संजय दत्त का अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन शुरू हुआ
* फिल्म सनम के प्रोड्यूसर समीर हिंगोरा और हनीफ कडवाला ने संजय की रिक्वेस्ट पर संजू को गन लाकर दिया था
* संजय को तीन गन और कुछ हैंड ग्रेनेड लाकर दिए गए, जिसमें से संजय ने एक अपने पास रखीं
* संजय का कहना था कि उन्होंने ये बंदूकें अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ली थीं
* मुंबई में जब ब्लास्ट हुआ तो समीर और हनीफ को गिरफ्तार कर लिया गया, पता चला कि ये दोनों अंडर वर्ल्ड डॉन अबू सलेम के लिए काम करते थे और मुंबई हमले में इस्तेमाल हथियार भी इन्हीं के जरिए सप्लाई हुए थे
* इसी सिलसिले में संजय दत्त को भी गिरफ्तार किया गया। लेकिन संजय ये कहते रहे कि उन्होंने ये गन अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ली थीं, क्योंकि बाबरी मस्जिद के दंगों के दौरान सुनील दत्त को जान से मारने की धमकी मिल रही थी। लेकिन कोर्ट ने संजय की बात नहीं मानी क्योंकि उनके पास पहले से ही 3 लाइसेंस गन थीं, चौथी गन की ऐसी क्या जरूरत पड़ी की अवैध तरीके से गन मंगानी पड़ी। इसके बाद उन्हें 1993 में जेल की सजा सुनाई गई
* उसी साल संजय दत्त की फिल्म खलनायक रिलीज हो रही थी, फिल्म के निर्देशक सुभाष घई ने संजय दत्त के जेल में होने का फायदा उठाया और फिल्म की टैगलाइन 'यस आय एम विलेन' को इस तरह प्रमोट किया गया जैसे संजय दत्त रियल लाइफ में विलन हों। फिल्म का बज़ ऐसा रहा कि फिल्म सुपरहिट हो गई
* संजय जेल जाने के बाद धार्मिक हो गए और वहां उन्होंने गीता और रामायण जैसी किताबें पढ़ीं। संजय दत्त ने बताया जेल जाने के बाद उनकी जिंदगी और जीने का नजरिया काफी बदल गया
* जेेल में सजा काटते वक्त जब रक्षाबंधन का त्योहार आया तो उनकी बहन प्रिया जेल में उन्हें राखी बांधने पहुंची। हर बार संजय अपनी बहनों को महंगा गिफ्ट दिया करते थे, लेकिन जेल में उनके पास देने को कुछ था नहीं। उन्होंने दो टाइम खाना ना खाकर जेल के खाने वाला कूपन बचा लिया और जब प्रिया राखी बांधने आईं तो उन्हें वो कूपन तोहफे में दिया। प्रिया ये देखकर काफी इमोशनल हो गईं, उन्होंने आजतक वो कूपन संभाल कर रखा है
* माधुरी के बाद संजय दत्त की जिंदगी में रिया पिल्लई आईं। रिया मॉडल थीं और हमेशा उनसे जेल में मिलने आती थीं। वहीं से दोनों की नजदीकियां बढीं औऱ 1988 में दोनों ने शादी कर ली दोनों ने 14 फरवरी को अचानक मंदिर में शादी कर ली। पिता सुनील दत्त को भी इस शादी की खबर नहीं थी, उन्हें भी न्यूज से पता चला कि उनके बेटे ने शादी कर ली है। लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी वो बेटे की खुशी में खुश थे
* शादी के कुछ समय बाद से ही दोनों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरें आने लगी, जहां रिया टेनिस प्लेयर लिएंडर पेस को डेट कर रही थीं, वहीं संजय ने भी इस शादी से गिव अप कर दिया। दोनों ने 2005 में तलाक ले लिया
* साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त के केस में अपना फैसला सुनाया और उन्हें 5 साल की सजा हुई। 20 साल की केस प्रोसीडिंग में संजय अपनी डेढ़ साल की सजा काट चुके थे इसलिए उन्हें सिर्फ साढ़े 3 साल की सजा भुगतनी थी। जिसमें वो कई बार परोल पर बाहर भी आए, जिसकी वजह से काफी कॉन्ट्रोवर्सी हुई। 5 साल की सजा में वो करीब 6 महीने परोल पर बाहर रहे हैं
* 26 फरवरी 2016 को संजय को जेल से हमेशा के लिए आजादी मिल गई। अच्छे बर्ताव की वजह से उन्हें जेल से 60 दिन पहले ही रिहा कर दिया गया था। जेल से निकलते वक्त उन्होंने जेल पर लगे तिरंगे को सैल्यूट किया
* 2017 में रिलीज हुई फिल्म 'भूमि' पहली ऐसी फिल्म थी जो उनके जेल से निकलने के बाद रिलीज हुई थी। लेकिन संजय ये फिल्म अपनी बेटी को डेडीकेट करना चाहते थे, फिल्म की रिलीज तारीख 29 जुलाई 2017 तय की गई थी, लेकिन संजय ने प्रोड्यूसर से रिक्वेस्ट करके 12 अगस्त 2017 को बेटी त्रिशला के जन्मदिन पर यह फिल्म रिलीज करवाई
* फिल्म संजू में सुनील दत्त का रोल संजय दत्त खुद करना चाहते थे, संजय दत्त को लगा कि उनके पिता का रोल उनसे बेहतर कोई और नहीं कर पाएगा इसलिए उन्होंने राजू हिरानी से रिक्वेस्ट की कि उन्हें ये रोल करने दिया जाए। लेकिन राजू इस बात के लिए एग्री नहीं हुए। इसके बाद अभिनेता आमिर खान को अप्रोच किया गया, लेकिन दंगल के बाद आमिर खान एक और बूढ़े व्यक्ति का किरदार नहीं प्ले करना चाहते थे इसलिए परेश रावल को इसके लिए चुना गया
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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस

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          अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस
* विश्व भर में हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में मनाया जाता है
* यह दिवस जागरूकता दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है
* विभिन्न देशों में अवैध शिकार एवं वनों के नष्ट होने के वजह से बाघों की संख्या में काफी गिरावट आई है
* विश्व भर में इस दिन बाघों के संरक्षण से सम्बंधित जानकारियों को साझा किया जाता है और इस दिशा में जागरुकता अभियान चलाया जाता है
* विश्वभर में बाघों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक दिन बाघों के नाम समर्पित किया जाता है
* इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य जंगली बाघों के निवास के संरक्षण और विस्तार को बढ़ावा देने के साथ बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है
* इनकी तेजी से कम हो रही संख्या को नियंत्रित करना बहुत ज़रूरी है, नहीं तो ये खत्म हो जाएंगे
* इस खास दिन का मकसद बाघों के संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करना है
* विश्व में बाघों की लगभग 70 फीसदी आबादी भारत में रहती है देश में 2967 बाघ हैं, जबकि पूरी दुनिया में केवल 3900 बाघ ही बचे हैं
* केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ‘विश्व बाघ दिवस’ की पूर्व संध्या पर 28 जुलाई 2020 को बाघ गणना रिपोर्ट, 2018 जारी की उन्होंने बताया कि साल 1973 में हमारे देश में सिर्फ 9 टाइगर रिजर्व थे अब इनकी संख्या बढ़कर 50 हो गई है
* केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि भारत को अपनी बाघ संपदा पर गर्व है हम बाघों के संरक्षण को लेकर 12 टाइगर रेंज देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं
* केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार, देश में 30 हजार हाथी, तीन हजार एक सींग वाले गेंडे और 500 से ज्यादा शेर हैं
* विश्व में भारत के अतिरिक्त बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, चीन, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलयेशिया, म्यांमार, नेपाल, रूस, थाईलैंड और वियतनाम में बाघ पाए जाते हैं
* भारत के 20 राज्यों में कुल 2,967 बाघ हैं इनमें से 1,492 बाघ मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड में हैं
* यानी केवल तीन राज्यों में ही देश में बाघों की कुल आबादी के 50 प्रतिशत से ज्यादा बाघ रहते हैं
* बिहार में टाइगर की जनसँख्या 2010 में 8 थी जो 2018 में बढ़कर 31 हो गई
* केरल में साल 2010 में 71 बाघ थे, जो साल 2018 में 190 हो गए है
* बाघों की आबादी में कमी की मुख्य वजह मनुष्यों द्वारा शहरों और कृषि का विस्तार ही इसका मुख्य कारण है इस विस्तार के वजह से बाघों का 93 प्रतिशत प्राकृतिक आवास खत्म हो चुका है
* बाघों की अवैध शिकार भी एक बहुत बड़ी वजह है जिसकी वजह से बाघ अब अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के विलुप्तप्राय श्रेणी में आ चुके हैं
* अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाने का फैसला साल 2010 में सेंट पिट्सबर्ग बाघ समिट में लिया गया था क्योंकि तब जंगली बाघ विलुप्त होने के कगार पर थे
* इस सम्मेलन में बाघ की आबादी वाले 13 देशों ने वादा किया था कि साल 2022 तक वे बाघों की आबादी दुगुनी कर देंगे
* भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ को कहा जाता है बाघ देश की शक्ति, शान, सतर्कता, बुद्धि तथा धीरज का प्रतीक है
* बाघ भारतीय उपमहाद्वीप का प्रतीक है यह उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में पाया जाता है
* विश्वभर में बाघों की कई तरह की प्रजातियां मिलती हैं इनमें 6 प्रजातियां मुख्य हैं इनमें साइबेरियन बाघ, बंगाल बाघ, इंडोचाइनीज बाघ, मलायन बाघ, सुमात्रा बाघ तथा साउथ चाइना बाघ शामिल हैं
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प्रहार मिसाइल

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        प्रहार मिसाइल 

* भारत ने 20 सितंबर 2018 को स्वदेश में विकसित और सतह से सतह पर कम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रहार' का ओडिशा तट से सफलतापूर्वक परीक्षण किया था
* यह मिसाइल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है
* यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लांचिंग कांप्लेक्स से भारी बारिश के बीच किया गया
* यह मल्टी बैरल रॉकेट प्रणाली 'पिनाका' और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'पृथ्वी' के अंतरों को पाटने में सक्षम है
* इसके अलावा वह विभिन्न दिशाओं में कई लक्ष्यों को साध सकती है
* यह परीक्षण सफल रहा, क्योंकि लक्ष्य तक पहुंचने से पहले इसने 200 किलोमीटर तक की दूरी तय की और मिशन के सभी लक्ष्यों को प्राप्त किया
* इस अत्याधुनिक मिसाइल का यहां के पास स्थित चांदीपुर समन्वित परीक्षण रेंज (आईटीआर) से परीक्षण किया गया इसे मोबाइल लॉंन्चर से दागा गया
* यह हर मौसम में, हर क्षेत्र में अत्यधिक सटीक और सहयोगी तरकीबी हथियार प्रणाली है
* यह ठोस ईंधन से लैस कम दूरी वाली मिसाइल है
* परीक्षण के दौरान रेंज स्टेशनों और इलैक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम की मदद से मिसाइल के ट्रैक पर नजर रखी गई
* सभी ऋतुओं में इस्तेमाल की संभावना को देखते हुए इस मिसाइल का परीक्षण किया गया
* मिसाइल के परीक्षण से पहले चांदीपुर स्थित लॉंन्च पैड संख्या तीन की दो किलोमीटर की परिधि में रहने वाले 4,494 लोगों को अस्थायी तौर पर वहां से हटाया गया
* सुरक्षा उपायों के तहत पांच गांवों से इन लोगों को हटाया गया परीक्षण के शीघ्र बाद आईटीआर अधिकारियों से इजाजत मिलने पर वे अपने घरों में लौट आए
* प्रहार एक ठोस इंधन की, सतह-से-सतह तक मार करने में सक्षम कम दुरी की सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल है
* प्रहार मिसाइल का प्रयोग किसी भी सामरिक और रणनीतिक लक्ष्यों को भेदने के लिए किया जा सकता है
* प्रहार मिसाइल की मारक क्षमता 150 किलोमीटर है
* इस मिसाइल की लंबाई 7.32 मीटर है और इसका व्यास 420 मिलीमीटर है
* इसका भार 1.28 टन है और यह 200 किलोग्राम का भार वहन कर सकती है
* प्रहार समसामयिक हथियार प्रणाली है जो अनेक मुखास्त्र ले जाने के साथ साथ विभिन्न लक्ष्यों को एक साथ नष्ट करने की क्षमता रखती है
* इससे पारंपरिक लड़ाई में दुश्मनों को गंभीर नुकसान हो सकता है यह मोबाइल लॉन्चर से भी दागी जा सकती है
* इसे दागे जाने की सभी तैयारी दो से तीन मिनट के अंदर ही पूरी की जा सकती है
* इसकी खासियत यह है कि छह मिसाइल एक साथ एक जगह से अलग अलग दिशा में छोड़ी जा सकती हैं
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🌟 New Education Policy:- 🌟

🌟 New Education Policy:- 🌟

 - स्कूली शिक्षा में 10+2 खत्म, 5+3+3+4 की नई व्यवस्था होगी  लागू ।

केंद्र की मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर *शिक्षा मंत्रालय* कर दिया गया है. नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है ! *अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है.* इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे. फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा.

इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12). इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं.

_नई श‍िक्षा नीति के कुछ खास प्वाइंट्स_

-शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर.

-प्रत्येक छात्र की क्षमताओं को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी.

-वैचारिक समझ पर जोर होगा, रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा मिलेगा.

-छात्रों के लिए कला और विज्ञान के बीच कोई कठिनाई, अलगाव नहीं होगा.

-नैतिकता, संवैधानिक मूल्य पाठ्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होंंगी.

_नई शिक्षा नीति के कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलू_

-2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को मल्टी सब्जेक्ट इंस्टिट्यूशन बनाना होगा जिसमें 3000 से अधिक छात्र होंगे.

-2030 तक हर जिले में या उसके पास कम से कम एक बड़ा मल्टी सब्जेक्ट हाई इंस्टिट्यूशन होगा.

-संस्थानों का पाठ्यक्रम ऐसा होगा कि सार्वजनिक संस्थानों के विकास पर उसमें जोर दिया जाए.

-संस्थानों के पास ओपन डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने का विकल्प होगा.

-उच्चा शिक्षा के लिए बनाए गए सभी तरह के डीम्ड और संबंधित विश्वविद्यालय को सिर्फ अब विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाएगा.

-मानव के बौद्धिक, सामाजिक, शारीरिक, भावनात्मक और नैतिक सभी क्षमताओं को एकीकृत तौर पर विकसित करने का लक्ष्य.

नई शिक्षा नीति में संगीत, दर्शन, कला, नृत्य, रंगमंच, उच्च संस्थानों की शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे. स्नातक की डिग्री 3 या 4 साल की अवधि की होगी. एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट बनेगी, छात्रों के परफॉर्मेंस का डिजिटल रिकॉर्ड इकट्ठा किया जाएगा. 2050 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 फीसदी शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल होना होगा. गुणवत्ता योग्यता अनुसंधान के लिए एक नया राष्ट्रीय शोध संस्थान बनेगा, इसका संबंध देश के सारे विश्वविद्यालय से होगा ।
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Thursday, July 23, 2020

अंतराष्ट्रीय सीमाएँ >

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अंतराष्ट्रीय सीमाएँ >
रेखा का नाम – डूरंड रेखा (Durand Line)
देशों के मध्य – पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान
1886 में सर मार्टिमर डूरंड द्वारा निर्धारित।
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रेखा का नाम – मैकमाहोन रेखा (Macmahon Line)
देशों के मध्य – भारत तथा चीन
1120 किमी. लंबी यह रेखा सर हेनरी मैकमोहन द्वारा निर्धारित की गई थी। लेकिन चीन इसे स्वीकार नहीं करता।
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रेखा का नाम – रेडक्लिफ रेखा (Radcliffe Line)
देशों के मध्य – भारत तथा पाकिस्तान
1947 में भारत-पाकिस्तान सीमा आयोग के अध्यक्ष सर सायरिल रेडक्लिफ द्वारा निर्धारित।
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रेखा का नाम – 17 वीं समानांतर रेखा (17th Parallel)
देशों के मध्य – उत्तरी वियतनाम तथा द. वियतनाम
वियतनाम के एकीकरण के पहले यह देश को दो भागों में बांटती थी।
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रेखा का नाम – 24 वीं समानांतर रेखा (24th Parallel)
देशों के मध्य – भारत तथा पाकिस्तान
पाकिस्तान के अनुसार कच्छ क्षेत्र का यह रेखा सही निर्धारण करती है लेकिन भारत इस रेखा को स्वीकार नहीं करता है।
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रेखा का नाम – 38 वीं समानांतर रेखा (38th Parallel)
देशों के मध्य – उत्तर कोरिया तथा दक्षिण कोरिया
कोरिया को दो भागों में बांटती है।
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रेखा का नाम – 49 वीं समानांतर रेखा (49th Parallel)
देशों के मध्य – अमेरिका तथा कनाडा
अमेरिका तथा कनाडा को दो भागों में बांटती है।
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रेखा का नाम – हिंडनबर्ग रेखा (Hindenburg Line)
देशों के मध्य – जर्मनी तथा पोलैंड
प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की सेना यहीं से वापस लौटी थी।
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रेखा का नाम – ओडरनास रेखा (Order-Neisse Line)
देशों के मध्य – जर्मनी तथा पोलैंड
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद निर्धारित की गई।
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रेखा का नाम – मैगिनाट रेखा (Maginot Line)
देशों के मध्य – जर्मनी तथा फ्रांस
जर्मनी के आक्रमण से बचाव के लिए फ्रांस ने यह रेखा बनाई थी।
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रेखा का नाम – सीजफ्राइड रेखा (Seigfrid Line)
देशों के मध्य – जर्मनी तथा फ्रांस
जर्मनी ने यह रेखा बनाई थी !!

Wednesday, July 22, 2020

💟👉 भारत की भूगर्भिक संरचना India’s Geologic Structure 📚

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💟👉 भारत की भूगर्भिक संरचना India’s Geologic Structure 📚








_❣️ चट्टानोँ का वर्गीकरण_

👉भारत मेँ चट्टानोँ के कई उप समूह पाए जाते हैं और कुछ उप समूहोँ को मिलाकर समूह का निर्माण होता है। सामान्यतः भारतीय चट्टानोँ का वर्गीकरण इस प्रकार से है – आर्कियन क्रम की चट्टानेँ, धारवाड़ क्रम की चट्टानेँ, कुडप्पा क्रम की चट्टानेँ, विन्ध्य क्रम की चट्टानेँ, गोंडवाना क्रम की चट्टानेँ, दक्कन ट्रेप टर्शियरी क्रम की चट्टानें।

👉आर्कियन क्रम की चट्टानोँ का निर्माण पृथ्वी के सबसे पहले ठंडे होने पर हुआ। ये रवेदार चट्टानें हैं, जिनमें जीवन का अभाव है। यह नीस, ग्रेनाइट, और शिष्ट प्रकार की हैं। इनका विस्तार कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छोटा नागपुर का पठार तथा राजस्थान के दक्षिण पूर्वी भाग पर है।

👉धारवाड क्रम की चट्टानोँ के निर्माण के निर्माण आर्कियन क्रम की चट्टानोँ से प्राप्त हुए हैं। यहां रुपांतरित तथा स्तरभ्रष्ट चट्टान है। इनमें जीवाशेष नहीँ पाए जाते हैं। यह प्रायद्वीप एवं वाह्य प्रायद्वीप दोनों मेँ पाई जाती हैं।
धारवाड क्रम की चट्टानेँ दक्षिण दक्कन प्रदेश मेँ उत्तरी कर्नाटक से कावेरी घाटी तक (शिमोगा जिले मेँ) पश्चिमी हिमालय की निचली घाटी मेँ मिलती है।

कुडप्पा क्रम की चट्टानोँ का नामकरण आंध्र प्रदेश के कुडप्पा जिले के नाम पर हुआ, सामान्यतः ये चट्टानें 2 भागों में विभक्त हैं – 
1. निचली कुडप्पा चट्टानें, 
2. उपरी कुडप्पा चट्टानें।

👉विंध्यन क्रम की चट्टानोँ का नाम विंध्याचल के नाम पर पडा है। यह परतदार चट्टानेँ हैं तथा इनका निर्माण जल निक्षेपों से हुआ है। यह 5 प्रमुख क्षेत्रोँ मेँ पाई जाती हैं –
👉सोन नदी की घाटी मेँ इन्हें सेमरी के नाम से पुकारते हैं।

👉आंध्र प्रदेश के दक्षिणी पश्चिमी भाग मेँ करनूल श्रेणी मेँ पाई जाती हैं।

👉भीमा नदी घाटी मेँ इन्हें भीमा श्रेणी कहते हैं। राजस्थान मेँ जोधपुर तथा चित्तौरगढ़ में यह पलनी श्रेणी के रुप मेँ विस्तृत हैं।

👉उपरी गोदावरी घाटी तथा नर्मदा घाटी के उत्तर मेँ मालवा बुंदेलखंड प्रदेश मेँ इन चट्टानोँ का क्षेत्र विस्तृत है।

👉गोंडवाना क्रम की चट्टानेँ दामोदर नदी घाटी मेँ राजमहल पहाड़ियोँ तक विस्तृत हैं

👉दक्कन ट्रेप का निर्माण काल अपर क्रिटेशियस से इयोसीन काल तक माना जाता है, प्रायद्वीपीय भारत मेँ ज्वालामुखी विस्फोट के फलस्वरुप दरार उद्गार के रुप मेँ लावा निकला जिसने दक्कन ट्रेप के मुख्य पठार की आकृति को जन्म दिया। दक्कन ट्रेप मुख्यतः बेसाल्ट व डोलोराइट प्रकृति की है। चट्टानें काफी कठोर हैं इनके कटाव के कारण चट्टान चूर्ण  बना है, जिससे काली मिट्टी का निर्माण हुआ है यही मिट्टी कपास मिट्टी या रेगुर मिट्टी भी कहलाती है। दक्कन ट्रेप महाराष्ट्र गुजरात मध्यप्रदेश मेँ फैला है तथा कुछ क्षेत्र झारखंड एवं तमिलनाडु मेँ अवस्थित है।

👉टर्शियरी क्रम की चट्टानोँ का निर्माण इयोसीन युग से लेकर प्लायोसीन युग की अवधि मेँ हुआ है। भारत के लिए इसका अत्यधिक महत्व है क्योंकि इसी काल मेँ भारत ने वर्तमान रुप धारण किया था।

👉टर्शियरी चट्टानेँ वाह्य प्रायद्वीपीय भू-भाग मेँ प्रमुख रुप से पाई जाती हैं। पाकिस्तान मेँ यह बलूचिस्तान के मकरान तट से लेकर सुलेमान किर्थर श्रेणी, हिमालय पर्वत से होती हुई म्यांमार के अराकानयोमा पर्वत श्रेणी तक फैली हैं।
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❤️👉जानिए क्‍या है पाकिस्‍तान के संविधान का अनुच्‍छेद 199, जाधव मामले से क्‍या है इसका संबंध

❤️ अंश क्लासेस❤️

❤️👉जानिए क्‍या है पाकिस्‍तान के संविधान का अनुच्‍छेद 199, जाधव मामले से क्‍या है इसका संबंध


💟👉कई महीनों की टाल मटोल के बाद पाक सरकार ने गुरुवार को भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों से भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को मिलने की इजाजत दे दी। हालांकि इस दौरान दोनों के बीच खुलकर कोई बातचीत नहीं हो सकी और न ही ना ही किसी कागजात पर जाधव को हस्ताक्षर करने दिया गया। भारत ने पाकिस्‍तान की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) की तरफ से जाधव पर दिए गए फैसले व पाकिस्तान सरकार को दिए गए निर्देश के खिलाफ बताया है। दरअसल पिछले सप्‍ताह ही पाकिस्‍तान की तरफ से खबर आई थी कि जाधव ने अपनी सजा पर पुनर्विचार याचिका लगाने से मना कर दिया है और चाहते हैं कि उनकी दया याचिका को आगे बढ़ाया जाए। इसके बाद से ही लगातार पाकिस्‍तान के संविधान अनुच्‍छेद की चर्चा की जा रही थी।

💟👉आपको बता दें कि पाकिस्‍तान के संविधान का अनुच्‍छेद 199 हाईकोर्ट को किसी भी मामले की न्‍यायिक समीक्षा करने का अधिकार प्रदान करता है। संविधान के मुताबिक पाकिस्‍तान के सर्वोच्‍च न्‍यायालय का जो शक्तियां अनुच्‍छेद 183(3) के तहत प्रदान की गई है उनकी अपेक्षा हाईकोर्ट को अनुच्‍छेद 199 के तहत प्रदान की गई शक्तियां कहीं अधिक विविध और व्‍यापक हैं। पाकिस्‍तान के हाईकोर्ट द्वारा अनुच्‍छेद 199 के तहत पारित किए गए आदेश को याचिका या writ भी कहा जाता है। पश्चिमी पाकिस्‍तान की हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रुस्‍तम कयानी न्याय क्षेत्राधिकार के बड़े प्रशंसक थे। 1958 में जब उन्‍हें चीफ जस्टिस नियुक्‍त किया गया तो उन्‍होंने Mandamus और Certiorari को एक फूल की संज्ञा देते हुए कहा था कि इसके बिना पाकिस्‍तान आगे बढ़कर अपनी खुशबू नहीं फैला सकता है। जस्टिस कयानी को पाकिस्‍तान के पूर्व तानाशाह जनरल अयूब खान का विरोध करने वाली बड़ी शख्सियत के रूप में जाना जाता है।

💟👉आपको यहां पर ये भी बता दें कि 27 फरवरी 2019 को पाकिस्‍तान की सेना द्वारा बंधक बनाए गए भारत के विंग कमांडर वर्थमान को जब पाकिस्‍तान की सरकार ने बिना शर्त रिहा करने का फैसला किया था तो उनकी रिहाई से कुछ घंटे पहले ही पाकिस्‍तान के एक नागरिक ने सरकार के इस फैसले को अनुच्‍छेद 199 के तहत ही चुनौती दी थी। इसके तहत कहा गया था कि भारतीय पायलट ने पाकिस्‍तान की सीमा का उल्‍लंघन किया और इसकी मंशा पाकिस्‍तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की थी, लिहाजा उनका कोर्ट मार्शल किया जाना चाहिए था।

💟👉इस याचिका को खारिज इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अथर मिनाल्‍लाह ने कहा था कि ये फैसला पाकिस्‍तान की संयुक्‍त संसद ने सर्वसम्मिति से लिया है और किसी ने भी इसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई। कोर्ट का कहना था कि याचिका में जिन बातों को कहा गया है वो देश की विदेश नीति, सुरक्षा से जुड़ी हैं। इस तरह के मामलों में दखल देने का हाईकोर्ट को कोई अधिकार नहीं है। संविधान के अनुच्‍छेद 199 के तहत न तो ये मामले आते हैं न ही हाईकोर्ट इस अनुच्‍छेद के तहत इनमें कोई दखल दे सकता है। कोर्ट ने ये भी कहा कि मजलिस ए शूरा देश की जनता को रिप्रजेंट करती है और देश के लिए काम करती है। वो पूरी तरह से अपनी नीतियों को बनाने और इस पर अमल करने के लिए स्‍वतंत्र और इसके काबिल है। उनके द्वारा लिए गए फैसले को हाईकोर्ट संज्ञान में नहीं ले सकती है। ये उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
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🌈🌈ब्रह्मपुत्र नदी पर देश का पहला अंडर वॉटर टनल🌈🌈

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🌈🌈ब्रह्मपुत्र नदी पर देश का पहला अंडर वॉटर टनल🌈🌈


_👉🏻चर्चा में क्यों_

🎯केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे चार लेन वाली अंडर वॉटर टनल (सड़क-सुरंग) के निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी है।


_🌈सड़क-सुरंग से संबन्धित जानकारी_

🎯ब्रह्मपुत्र नदी के अंदर बनने वाली यह सुरंग असम के गोहपुर और नुमालिगढ़ टाउन को जोड़ेगी।

🎯इस सुरंग की लंबाई लगभग 14.85 किलोमीटर होगी। यह सुरंग चीन के जियांग्‍सू प्रांत के ताइहू झील के नीचे निर्मित हो रही सुरंग से लंबी है।

🎯इस सुरंग का निर्माण कार्य दिसंबर में शुरू होगा और इसे तीन चरणों में तैयार किया जाएगा।

🎯इस अंडरवॉटर सुरंग के निर्माण के लिए नेशनल हाइवेज एंड इफ्रांस्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएआईडीसीएल) ने अमेरिकी कंपनी लुईस बर्जर के साथ समझौता किया है।

🎯इसे डिजाइन करने में सुरक्षा के कड़े मानकों का ध्‍यान रखा जाएगा ताकि किसी भी प्रकार से पानी इसके अंदर न जाने पाए।

🎯 इसके अलावा इसमें वेंटीलेशन सिस्‍टम, आग से बचाने वाला सुरक्षा तंत्र, फुटपाथ, ड्रेनिंग सिस्‍टम और इमरजेंसी एग्जिट जैसे अहम सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।

🌈 इस सुरंग का रणनीतिक महत्व🌈

🎯यह पहला मौका है जब भारत किसी नदी के नीचे सुरंग का निर्माण करेगा वो भी चीन सीमा के करीब।

🎯यह सुरंग भारत के लिए रणनीतिक तौर पर काफी महत्‍वूपर्ण है क्‍योंकि इसकी मदद से असम और अरुणाचल प्रदेश पूरे वर्ष आपस में जुड़े रह सकेंगे।

🎯इस सुरंग की मदद से अरुणाचल प्रदेश में तैनात सेना के लिए रसद और हथियारों की आपूर्ति में भी मदद मिल सकेगी।

🎯चीन सीमा से नजदीकी के कारण युद्ध जैसी परिस्थितियों में पुलों को दुश्‍मन आसानी से निशाना बना सकते हैं लेकिन पानी के अंदर होने के कारण सुरंग को आसानी से निशाना नहीं बनाया जा सकेगा...!!
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🧍विश्व युवा कौशल दिवस🧍

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🧍विश्व युवा कौशल दिवस🧍



🕹️चर्चा में क्यों?

🌱प्रधानमंत्री ने विश्व युवा कौशल दिवस और ‘कौशल भारत’ मिशन की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित डिजिटल स्किल कॉन्क्लेव में युवाओं से कौशल प्राप्‍त करने, नया कौशल सीखने और कौशल बढ़ाने का आह्वान किया ।


_🕹️विश्व युवा कौशल दिवस_
विश्व युवा कौशल दिवस की स्थापना 2014 में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा द्वारा की गयी थी।

🕹️सभा ने युवाओं के कौशल विकास में निवेश के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में अधिसूचित किया।

🕹️इस दिवस का उद्देश्य वर्ष 2030 के आगामी सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) हेतु रोजगार के लिए शिक्षा और कौशल पर निम्न दो लक्ष्यों के प्रस्ताव को बढ़ावा देना है:-👇🏻👇🏻

❣️सतत विकास लक्ष्य-4 “समावेशी और समान गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करने और सभी के लिए आज़ीवन सीखने के अवसर को बढ़ावा देना।”

❣️सतत विकास लक्ष्य-8 “सभी के लिए, समावेशी और सतत आर्थिक विकास, रोजगार और प्रतिष्ठित काम को बढ़ावा देना।”

🕹️वर्ष 2020 में इस दिवस का मुख्य विषय (Theme) है: “Skills for a Resilient Youth” है।


🕹️कौशल भारत मिशन🕹️

❣️‘कौशल भारत’ मिशन की घोषणा भारत के प्रधानमंत्री, नरेंन्द्र मोदी ने 15 जुलाई 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय युवा कौशल दिवस पर की थी।

❣️इस मिशन के अंतर्गत पूरे भारत में लगभग 40 करोड़ भारतीयों, को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत, 2022 तक प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था।

❣️इस योजना का लक्ष्य भारत में तकनीकी शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाकर उसे विश्व मांग के अनुरूप ढालना है।

❣️“कौशल भारत” मिशन के अंतर्गत आने वाली अन्य योजनाएँ हैं-
👉🏻राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन
👉🏻कौशल विकास एवं उद्यमियता के लिए राष्ट्रीय नीति
👉🏻प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना
👉🏻स्किल लोन स्कीम
👉🏻राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन


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Friday, July 17, 2020

राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएँ

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 की महत्वपूर्ण घटनाएँ
                 
►1904 ~ भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित
►1905 ~ बंगाल का विभाजन
►1906 ~ मुस्लिम लीग की स्थापना
►1907 ~ सूरत अधिवेशन, कांग्रेस में फूट
►1909 ~ मार्ले-मिंटो सुधार
►1911 ~ ब्रिटिश सम्राट का दिल्ली दरबार
►1916 ~ होमरूल लीग का निर्माण
►1916 ~ मुस्लिम लीग-कांग्रेस समझौता (लखनऊ पैक्ट)
►1917 ~ महात्मा गाँधी द्वारा चंपारण में आंदोलन
►1919 ~ रौलेट अधिनियम
►1919 ~ जलियाँवाला बाग हत्याकांड
►1919 ~ मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार
►1920 ~ खिलाफत आंदोलन
►1920 ~ असहयोग आंदोलन
►1922 ~ चौरी-चौरा कांड
►1927 ~ साइमन कमीशन की नियुक्ति
►1928 ~ साइमन कमीशन का भारत आगमन
►1929 ~ भगतसिंह द्वारा केन्द्रीय असेंबली में बम विस्फोट
►1929 ~ कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वतंत्रता की माँग
►1930 ~ सविनय अवज्ञा आंदोलन
►1930 ~ प्रथम गोलमेज सम्मेलन
►1931 ~ द्वितीय गोलमेज सम्मेलन
►1932 ~ तृतीय गोलमेज सम्मेलन
►1932 ~ सांप्रदायिक निर्वाचक प्रणाली की घोषणा
►1932 ~ पूना पैक्ट
►1942 ~ भारत छोड़ो आंदोलन
►1942 ~ क्रिप्स मिशन का आगमन
►1943 ~ आजाद हिन्द फौज की स्थापना
►1946 ~ कैबिनेट मिशन का आगमन
►1946 ~ भारतीय संविधान सभा का निर्वाचन
►1946 ~ अंतरिम सरकार की स्थापना
►1947 ~ भारत के विभाजन की माउंटबेटन योजना
►1947 ~ भारतीय स्वतंत्रता प्राप्ति

Tuesday, July 14, 2020

अशोक चक्र में दी गयी सभी 24 तीलियों का मतलब (चक्र के क्रमानुसार) जानते हैं-

अशोक चक्र में दी गयी सभी 24 तीलियों का मतलब (चक्र के क्रमानुसार) जानते हैं-

1. पहली तीली :- संयम (संयमित जीवन जीने की प्रेरणा देती है)
2. दूसरी तीली :- आरोग्य (निरोगी जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है)
3. तीसरी तीली :- शांति (देश में शांति व्यवस्था कायम रखने की सलाह)
4. चौथी तीली :- त्याग (देश एवं समाज के लिए त्याग की भावना का विकास)
5. पांचवीं तीली :- शील (व्यक्तिगत स्वभाव में शीलता की शिक्षा)
6. छठवीं तीली :- सेवा (देश एवं समाज की सेवा की शिक्षा)
7. सातवीं तीली :- क्षमा (मनुष्य एवं प्राणियों के प्रति क्षमा की भावना)
8. आठवीं तीली :- प्रेम (देश एवं समाज के प्रति प्रेम की भावना)
9. नौवीं तीली :- मैत्री (समाज में मैत्री की भावना)
10. दसवीं तीली :- बन्धुत्व (देश प्रेम एवं बंधुत्व को बढ़ावा देना)
11. ग्यारहवीं तीली :-  संगठन (राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत रखना)
12. बारहवीं तीली :- कल्याण (देश व समाज के लिये कल्याणकारी कार्यों में भाग लेना)
13. तेरहवीं तीली :- समृद्धि (देश एवं समाज की समृद्धि में योगदान देना)
14. चौदहवीं तीली :- उद्योग (देश की औद्योगिक प्रगति में सहायता करना)
15. पंद्रहवीं तीली :- सुरक्षा (देश की सुरक्षा के लिए सदैव तैयार रहना)
16. सौलहवीं तीली :- नियम (निजी जिंदगी में नियम संयम से बर्ताव करना)
17. सत्रहवीं तीली :- समता (समता मूलक समाज की स्थापना करना)
18. अठारहवी तीली :- अर्थ (धन का सदुपयोग करना)
19. उन्नीसवीं तीली :- नीति (देश की नीति के प्रति निष्ठा रखना)
20. बीसवीं तीली :- न्याय (सभी के लिए न्याय की बात करना)
21. इक्कीसवीं तीली :-  सहयोग (आपस में मिलजुल कार्य करना)
22. बाईसवीं तीली :- कर्तव्य (अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना) 
23. तेईसवी तीली :- अधिकार (अधिकारों का दुरूपयोग न करना)
24. चौबीसवीं तीली :- बुद्धिमत्ता (देश की समृधि के लिए स्वयं का बौद्धिक विकास करना)

सभी तीलियाँ सम्मिलित रूप से देश और समाज के चहुमुखी विकास की बात करती हैं। ये तीलियाँ सभी देशवासियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में स्पष्ट सन्देश देने के साथ साथ यह भी बतातीं हैं कि हमें रंग, रूप, जाति और धर्म के अंतरों को भुलाकर पूरे देश को एकता के धागे में पिरोकर समृद्धि के शिखर तक ले जाने के लिए सतत प्रयास करते रहना चाहिए।

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Monday, July 13, 2020

जुलाई माह महत्त्वपूर्ण दिवस एवं अवसर

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👉जुलाई माह  महत्त्वपूर्ण दिवस एवं अवसर

🔹1जुलाई:-वास्तुशिल्प दिवस

🔹1जुलाई:-डॉक्टर दिवस (डॉ.विधानचंद राय जन्मदिवस)

🔹1जुलाई:-अंतर्राष्ट्रीय चुटकुले दिवस

🔹1जुलाई:-भारतीय स्टेट बैंक स्थापना दिवस

🔹2जुलाई:-अंतर्राष्ट्रीय खेल पत्रकार दिवस

🔹3जुलाई:-तेरापंथ स्थापना दिवस

🔹4जुलाई:-स्वामी विवेकानंद स्मृति दिवस

🔹4जुलाई:-अमेरिकी स्वंतत्रता दिवस

🔹5जुलाई:-श्री गुरु हर गोविन्द जयंती

🔹6जुलाई:-विश्व जुनोसिस दिवस

🔹7जुलाई:-महेंद्र सिंह धोनी जन्म दिवस

🔹9जुलाई:-राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस

🔹11जुलाई:-विश्व जनसंख्या दिवस

🔹12जुलाई:-मलाला दिवस

🔹13जुलाई:-शहीद दिवस (कश्मीर)

🔹14जुलाई:-वायु परिक्षण दिवस

🔹16जुलाई:-कॉमन सर्विस सेंटर डे

🔹16जुलाई:-साझा सेवा केंद्र दिवस

🔹18जुलाई:-नेल्सन मंडेला दिवस

🔹19जुलाई:-मंगल पांडे जी का जन्मदिवस

🔹22जुलाई:-राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस

🔹23जुलाई:-बाल गंगाधर तिलक जन्मदिवस

🔹23जुलाई:-चन्द्रशेखर आजाद जन्मदिवस

🔹23जुलाई:-राष्ट्रीय प्रसारण दिवस

🔹24जुलाई:-आयकर दिवस

🔹25जुलाई:-गोस्वामी तुलसीदास जयंती

🔹26जुलाई:-कारगिल विजय दिवस

🔹27जुलाई:-केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (C.R.P.F) स्थापना दिवस

🔹27जुलाई:-डॉ.ऐ.पी.जे. अब्दुल कलाम स्मृति दिवस

🔹28जुलाई:-विश्व प्रकृति सरंक्षण दिवस

🔹28जुलाई:-विश्व हेपेटाइटिस दिवस

🔹29जुलाई:-विश्व बाघ दिवस

🔹31जुलाई:-मुंशी प्रेमचंद का जन्म


Saturday, July 11, 2020

विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ एवं उनके अध्ययन विषय
















📒📘Ans CLASSES📘📒
👇विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ एवं उनके अध्ययन विषय 👇


1. अरबोरीकल्चर — वृक्ष उत्पादन संबंधी विज्ञान

2. आरकोलाजी — पुरातत्व सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है

3. आर्थोपीडिक्स — अस्थि उपचार का अध्ययन

4. इकोलोजी — जीव व पर्यावरण के बीच पारस्परिक सम्बन्धोँ का अध्ययन

5. इथेनोलोजी — विभिन्न संस्कृतियों का तुलनात्मक अध्ययन

6. इथेनोग्राफी — किसी विशिष्ट संस्कृति का अध्ययन

7. इथोलोजी — प्राणियोँ के व्यवहार का अध्ययन

8. इक्थियोलोजी — मत्स्य की संरचना , कार्यिकी इत्यादि का अध्ययन

9. एंटोमोलोजी — कीटों का वैज्ञानिक अध्ययन

10. एंथोलोजी — फूलो का अध्ययन

11. एग्रोस्टोलॉजी — घास का अध्ययन

12. एकोस्टिक्स — यह ध्वनि से सम्बन्धित विज्ञान है

13. एपीकल्चर — मधुमक्खियोँ के पालन का अध्ययन

14. एपीग्राफी — शिलालेख सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन

15. एरोनोटिक्स — वायुयान सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है

16. एस्ट्रोनॉमी — खगोलीय पिण्डों का अध्ययन

17. एस्ट्रोलॉजी — मानव पर ग्रह – नक्षत्र के प्रभाव का अध्ययन

18. ऐक्रोबेटिक्स — व्यायाम सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है

19. ऐस्ट्रोनोटिक्स — यह अन्तरिक्ष यानो से सम्बन्धित विज्ञान है

20. ऑरनीथोलॉजी — पक्षियों का अध्ययन

21. ऑस्टियोलॉजी — हड्डियों का अध्ययन

22. ओडोण्टोलोजी — दाँत व मसूङोँ का अध्ययन

23. ओरोलॉजी — पर्वतों का अध्ययन

24. ओप्टिक्स — प्रकाश के प्रकार व गुणोँ का अध्ययन

25. ओलिवोकल्चर — जैतून की कृषि का अध्ययन

26. ओलेरीकल्चर — सब्जियों की व्यापारिक कृषि

27. औनीरोलॉजी — स्वप्नों का अध्ययन

28. कार्डियोलोजी — ह्रदय की रचना तथा रूधिर कार्यविधि का अध्ययन

29. कीमोथेरैपी — रासायनिक यौगिको से कैँसर का उपचार किया जाता है

30. कैलोलॉजी — मनुष्य के सौन्दर्य का अध्ययन

31. कोस्मोलॉजी — ब्रहाण्ड का अध्ययन

32. कोस्मोलोजी — ब्रह्माण्ड के जन्म , विकास और विलोपन का अध्ययन किया जाता है

33. क्रायोजेनिक्स — निम्न ताप पर वस्तुओँ के गुणोँ और अन्य परिघटनाओँ का अध्ययन

34. जेनेटिक्स — जीवोँ के आनुवंशिक लक्षणोँ के पीढी दर पीढी हस्तांतरण की प्रकिया का अध्ययन

35. जेरेंटोलॉजी — बृद्ध ब्यक्तियों का अध्ययन

36. ट्राइबोलोजी — घर्षण एवं स्नेहक का अध्ययन

37. न्यूमिस्मेटिक्स — पुराने सिक्कों का अध्य्यन

38. न्यूमेरोलोजी — अंकोँ का अध्ययन

39. न्यूरोलॉजी — तंत्रिकाओं ( नाड़ी ) का अध्ययन

40. न्यूरोलोजी — तंत्रिका तंत्र का अध्ययन

41. पीसीकल्चर — मछलियों का व्यापारिक उत्पादन का अध्ययन

42. पेडागोजी — अध्यापन कला का अध्ययन

43. पैरासिटोलॉजी — परजीवी जीवो काअध्ययन

44. पैडोलोजी — मिट्टी का अध्ययन

45. पैथोलोजी — रोगोँ की प्रक्रति के कारण, उपचार आदि का अध्ययन

46. पैलिनोलॉजी — विभिन प्रकार के परागकणों का अध्ययन

47. पैरालोजी — स्पंजोँ का अध्ययन

48. पैलियोण्टोलोजी(पैलियोबॉयोलोजि) — जीवाश्मोँ का अध्ययन

49. पोमोलॉजी — फलों का अध्ययन

50. फ्रैनोलाजी — मष्तिष्क के विभिन्न भागो के क्रियाशीलता व् विक्षिप्तता का अध्ययन

51. फाइकोलोजी — शैवालोँ का अध्ययन

52. फिजियोग्राफी — प्राक्रतिक भूगोल का अध्ययन

53. फिलालोजी — भाषा की संरचना व् विकास व् इतिहास अध्ययन

54. फ्लोरीकल्चर — फूलों की कृषि

55. बायोकेमिस्ट्री केमिस्ट्री — जीव शरीर की रासायनिक क्रियाओँ के अध्ययन सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है

56. माइक्रोबायोलोजी — सूक्ष्म जीवों का अध्ययन

57. माइक्रोलॉजी — फफूंद एवं संबंधित विषयों का अध्ययन

58. मारफोलॉजी — जीव एवं भौतिक जगत् की आकारिकी का अध्ययन

59. मिनेरालॉजी — खनिजों का अध्ययन

60. मेटेरोलॉजी — वातावरण एवं संबंधित विषयों का अध्ययन

61. मेमोग्राफी — स्त्रियोँ के स्तनोँ की जाँच करने वाली चिकित्सा विज्ञान की शाखा है

62. मेमोलोजी— स्तनधारी जन्तुओँ का अध्ययन

63. मैरिकल्चर — समुद्री जीवों का उत्पादन

64. मोर्फोलोजी — पौधोँ की बाह्य संरचना का अध्ययन

65. मोलीक्यूलर — बायोलोजी आणविक स्तर पर जीवोँ की संरचना व कार्योँ का अध्ययन

66. लिथोलॉजी — चट्टानों एवं पत्थरो से संबंधित विषयों का अध्ययन

67. लेक्सिकोग्राफी — शब्द कोष का संकलन

68. विटीकल्चर — अंगूर की खेती का अध्ययन

69. साइकोलोजी — मनोविज्ञान का अध्ययन

70. साइटोजेनेटिक्स — जीव कोशिका और उसकी आनुवंशिक विशे अध्ययन
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Friday, July 10, 2020

एनकाउंटर की कहानी

:.   इकाउंटर की कहानी~~~
   सिर्फ 8 दिन के अंदर विकास दुबे के गैंग को पुलिस ने ऐसे उड़ाया मुठभेड़ में, मास्टरमाइंड भी हुआ ढेर


10 July 2020

 
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले मास्टरमाइंड विकास दुबे को आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले मास्टरमाइंड विकास दुबे को आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर कानपुर लाया जा रहा था। इसी दौरान उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई और विकास दुबे भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान पुलिस और विकास दुबे मुठभेड़ हुई और वह मारा गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार तड़के सुबह उज्जैन से कानपुर लेकर आ रही एसटीएफ की टीम की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसके बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस का कहना है कि पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए बोला था। लेकिन उसने नहीं किया इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में वह मारा गया।

जानकारी के लिए बता दें कि बीती 2 जुलाई की रात को गैंगस्टर विकास दुबे की टीम ने 8 पुलिसकर्मियों को शहीद कर दिया था। जिसके बाद से लगातार पुलिस छापेमारी कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने बीते 8 दिनों के अंदर विकास दुबे के गैंग का सफाया कर दिया। 8 दिन में छठा एनकाउंटर हुआ है। चारों के एनकाउंटर में लगभग एक जैसी थ्योरी सामने आई कि वे पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश कर रहे थे।

Also Read - Vikas Dubey Encounter: यूपी पुलिस ने विकास दुबे को दिया था आत्मसमर्पण का मौका

 
ऐसे किया कानपुर पुलिस ने एनकाउंटर

पहला एनकाउंटर: बीती 3 जुलाई को पुलिस ने सुबह 7 बजे विकास के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे को मार गिराया।

दूसरा एनकाउंटर: बीती 5 जुलाई को विकास के नौकर और खास सहयोगी दयाशंकर उर्फ कल्लू अग्निहोत्री मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान दयाशंकर ने बताया कि विकास दुबे ने पहले ही पुलिसकर्मियों पर हमला करने की प्लानिंग बना रखी थी। यह पूरी एक प्लानिंग थी। जिसके तहत पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया।

तीसरा एनकाउंटर: बीती 6 जुलाई को यूपी पुलिस ने अमर की मां क्षमा दुबे और दयाशंकर की पत्नी रेखा समेत 3 को गिरफ्तार किया।

चौथा एनकाउंटर: एसटीएफ ने विकास के करीबी अमर दुबे को मार गिराया। प्रभात मिश्रा समेत 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।

पांचवा एनकाउंटर: बीती 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किया। इस दौरान प्रभात मिश्रा और बबुआ दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया गया।

छठा एनकाउंटर: कानपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम ने 10 जुलाई को विकास दुबे को मार गिराया। इससे पहले पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद टीम उसे लेकर कानपुर आ रही थी। इस दौरान उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई और इस दौरान विकास दुबे भागने की कोशिश में था।

सामान्य ज्ञान 50 QUESTIONS~~


👉👉🧑📒📘ANS CLASSES 📘📒🧑~~~
Q.1.ध्वनि की तीव्रता किसमें मापी जाती है
ans:डेसीबल
Q.2.मधुमक्खी पालन क्या कहलाता है
ans:एपीकल्चर
Q.3.किसी वेबसाइट के प्रथम पृष्ठ को क्या कहा जाता है
ans:होमपेज
Q.4.गाड़ियों में पीछे का दृश्य देखने के लिए किस दर्पण का प्रयोग किया जाता है
ans:उत्तल
Q.5. सामान्य परिस्थितियों में हवा में ध्वनि की गति कितनी होती है
ans:332 मी./ सेकंड
Q.6.वह एकमात्र ग्रह कौनसा है जो अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम दिशा में घूमता है
ans:शुक्र
Q.7.सूर्य में सर्वाधिक गैस कौनसी है
ans:हाइड्रोजन
Q.8. पृथ्वी से दिखाई देने वाला सबसे चमकीला ग्रह कौनसा है
ans: शुक्र
Q.9.सौरमंडल की आयु कितनी है
ans:4.6 अरब वर्ष
Q.10. कौनसा पुच्छल तारा 76 वर्ष बाद दिखाई देता है
ans: हेली पुच्छल तारा
Q.11.पृथ्वी और सूर्य के बीच दूरी कितनी है
ans:15 करोड़ किलोमीटर
Q.12. सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचने में कितना समय लेता है
ans: 500 सेकंड
Q.13.कंप्यूटर के जिस भाग को हम स्पर्श कर सकते हैं वह क्या कहलाता है
ans: हार्डवेयर
Q.14.कैंसर के उपचार में प्रयुक्त उत्कृष्ट गैस कौनसी है
ans:रेडान
Q.15.मोनेजाइट बालू में कौनसा खनिज पाया जाता है
ans:थोरियम
Q.16.शरीर में सबसे बड़ी अंत:स्रावी ग्रंथि कौनसी है
ans:थायराइड
Q.17.ब्लड ग्रुप की खोज किसने की थी
ans:लैंड स्टेनर
Q.18.ऐलुमिनियम का प्रमुख अयस्क कौनसा है
ans: बॉक्साइट
Q.19.पहला कृत्रिम उपग्रह कौनसा था
ans: स्पुतनिक-1
Q.20.किस उपकरण द्वारा यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है
ans:डायनेमो
Q.21. रिक्टर पैमाने द्वारा क्या मापा जाता है
ans:भूकंप की तीव्रता
Q.22.भू-पटल में सबसे अधिक कौनसी धातु है
ans:एल्युमीनियम
Q.23.किस ग्रह को सांध्य तारा कहते हैं
ans:शुक्र
Q.24.वायुमंडल की सबसे निचली सतह को क्या कहते हैं
ans:क्षोभमंडल
Q.25. पृथ्वी को 1 डिग्री देशांतर घूमने में कितना समय लगता है
ans:4 मिनट
Q.26. प्लास्टर ऑफ़ पेरिस किससे बनता है
ans: जिप्सम
Q.27.मछलियाँ किसकी सहायता से साँस लेती है
ans:गलफड़ों
Q.28.हरे पौधों द्वारा भोजन बनाने की क्रिया क्या कहलाती है
ans:प्रकाश संश्लेषण
Q.29.दूध से क्रीम किस प्रक्रिया से बनाई जाती है
ans:अपकेन्द्रिय बल
Q.30.रिजर्व बैक आफ इण्डिया का मुख्यालय कहाँ है
ans:मुंबई
Q.31.किसे सीमांत गाँधी कहा जाता है
ans:खान अब्दुल गफ्फार खान
Q.32. काली मिट्टी किस फसल के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है
ans:कपास
Q.33.धरती के तल का लगभग कितने प्रतिशत पानी है
ans:71%
Q.34.हमारे सौर मण्डल का सबसे बड़ा ग्रह कौनसा है
ans:बृहस्पति
Q.35. किस नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है
answer<कोसी/span>
36.गैस सिलेंडरों से गैस लीकेज का पता लगाने के लिए उसमे किस गंध युक्त पदार्थ को मिलाया जाता है
ans:इथाइल मर्केप्टेन
Q.37.वायुमंडल में सबसे अधिक किस गैस का प्रतिशत है
ans: नाइट्रोजन
Q.38.कोणार्क का सूर्य मन्दिर किस प्रदेश में स्थित है
ans:ओड़िसा
Q.39. कंप्यूटर भाषा में WWW का अर्थ क्या है
ans:World Wide Web
Q.40. एक किलोबाइट (KB) में कितनी बाइट होती है
ans:1024 बाईट
Q.41.केन्द्रीय असेम्बली में बम फेंकने में भगत सिंह का साथी कौन था
ans:बटुकेश्वर दत्त
Q.42.मुस्लिम लीग ने भारत विभाजन की मांग सबसे पहले कब की थी
answer<1940/span>
Q.43.काँमनवील पत्रिका का प्रकाशन किसने किया था
ans:ऐनी बेसेन्ट ने

Q.44.1856 में विधवा पुनर्विवाह क़ानून किसके प्रयासों से बनाया गया था
ans:ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से
Q.45. लॉर्ड वेलेजली के साथ सबसे पहले सहायक संधि किस राज्य के शासक ने की
ans:हैदराबाद के निजाम ने
Q.46.शहीद-ए-आजम’ के नाम से कौन जाने जाते हैं
ans: भगत सिंह
Q.47.जनरल डायर (जलियाँवाला बाग हत्याकांड से जुड़े) की हत्या किसने की थी
ans:उधम सिंह ने
Q.48. प्रथम लोकसभा का अध्यक्ष कौन था
answer<जी. वी. मावलंकर/span>
49. संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष किसे चुना गया
ans: सच्चिदानन्द सिन्हा
Q.50.कुचिपुड़ी नृत्य शैली मुख्यतः किस राज्य से सम्बन्धित मानी जाती है
ans: आंध्रप्रदेश

MOTIVATIONAL STORY TEACHER STUDENT WITH SON


Thursday, July 9, 2020

MOTIVATIONAL STORY काम छोटा या बड़ा नहीं होता है

 MOTIVATIONAL {STORY}~~~

👉 आज का टॉपिक - कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है👇👇

एक समय की बात है गुरु अपने शिष्यों के साथ कहीं दूर जा रहे थे। रास्ता काफी लंबा था चलते – चलते सभी थक से गए थे। अब उन्हें विश्राम करने की इच्छा हुई , किंतु अगर विश्राम करते तो गंतव्य स्थल पर पहुंचने में अधिक रात हो जाती। इसलिए वह लोग निरंतर चल रहे थे। रास्ते में एक नाला आया जिस को पार करने के लिए लंबी छलांग लगानी थी। सभी लोगों ने लंबी छलांग लगाकर नाले को पार किया। किंतु गुरुजी का कमंडल उस नाले में गिर गया। सभी शिष्य परेशान हुए एक शिष्य गोपाल कमंडल निकालने के लिए सफाई कर्मचारी को ढूंढने चला गया। अन्य शिष्य बैठकर चिंता करने लगे , योजना बनाए लगे आखिर यह कमंडल कैसे निकाला जाए ?

✔️गुरु जी परेशान होने लगे

क्योंकि गुरुजी ने सभी को स्वावलंबन का पाठ पढ़ाया था। उनकी सिख पर कोई भी शिष्य अमल नहीं कर रहा है। अंत तक वास्तव में कोई भी उस कार्य को करने के लिए अग्रसर नहीं हुआ , ऐसा देखकर गुरु जी काफी विचलित हुए। एक शिष्य मदन  उठा और उसने नाले में हाथ लगा कर देखा , किंतु कमंडल दिखाई नहीं दिया। क्योंकि वह नाले के तह में जा पहुंचा था तभी मदन ने अपने कपड़े संभालते हुए नाले में उतरा और तुरंत कमंडल लेकर ऊपर आ गया।

गुरु जी ने अपने शिष्य मदन  की खूब प्रशंसा की और भरपूर सराहना की उसने तुरंत कार्य को अंजाम दिया और गुरु द्वारा पढ़ाए गए पाठ पर कार्य किया। तभी शिष्य गोपाल जो सफाई कर्मचारी को ढूंढने गया था वह भी आ पहुंचा , उसे अपनी गलती का आभास हो गया था।

👉कहानी से सीख
✔️कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है , अपना काम स्वयं करना चाहिए।
✔️किसी भी संकट में होने के बावजूद भी दूसरे व्यक्तियों से मदद कम से कम लेना चाहिए।

ARIVAL OF ARYANS

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     आर्यों का आगमन ~~~~~

वास्तव में आर्यन उन लोगों को कहा जाता था जो प्राचीन इंडो-युरोपियन भाषा बोलते थे और  जो प्राचीन ईरान और उत्तर भारतीय महाद्वीपों में बसने  की सोचते थे | आर्यन  भारत में पूर्व वैदिक काल मे बसे | इसे सप्तसिंधु या सात नदियों झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास, सतलुज, सिंधु और सरस्वती की धरा कहा गया |

 घटना क्रम~~~~~~~

1500 B .C और 600 B .C के युग को पूर्व वैदिक युग (ऋग वैदिक काल) तथा बाद के वैदिक युग में विभाजित किया गया |

पूर्व वैदिक काल : 1500 B .C – 1000 B . C ; यह वह युग था जब आर्यन्स भारत पर आक्रमण कर सकते थे |
बाद का वैदिक युग : 1000 B . C – 600 B . C
 
 वैदिक काल की विशेषताएं~~~~~~

शब्दों की बुनियाद से निकला वेद शब्द का अर्थ है “जानना” या “उच्च विद्या” | चार प्रकार के महत्वपूर्ण वेद हैं:

 ऋग्वेद:~~~  यह 10 किताबों से बना है और इसमे 1028 भजन हैं जिन्हे अलग अलग ईश्वरों के लिए गाया गया है | मण्डल II से VII को पारिवारिक पुस्तक के नाम से जानते थे क्यूंकि यह पारिवारिक कथाओं जैसे गृतसमदा, विश्वामित्र, बामदेव, आरती, भारद्व्जा और वसीष्ठा पर आधारित थे |

यजुर्वेद~~~: यह राजनीतिक जीवन, सामाजिक जीवन, नियम और कायदों के बारे में बताता है जिन्हे हमे मानना चाहिए | यह कृष्ण यजुर वेद और शुक्ल यजुर वेद में विभाजित हैं |
सामवेद : यह कीर्तन व प्रार्थनाओं की किताब है और इसमे 1810 भजन हैं |

   अथर्ववेद~~~ यह जादुई वचनों , भारतीय औषिधियों और लोक नृत्य पर आधारित है 


✍️ये वेदों की द्वितीय क्ष्रेणी से तालुक्क रखते हैं और इनका संबंध प्रार्थना और बलिदानों के समारोहों से है |

✍️तंद्यमहा ब्राह्मण को सबसे पुराने ब्राह्मण माना जाता था और इनकी कई पौराणिक कथाएँ  हैं |

✍️व्रत्यसोमा एक समारोह है जिसमे इन पौराणिक कथाएँ के द्वारा गैर आर्यन को आर्यन में बदला जाता था |

✍️सतपथा एक बहुत महत्वपूर्ण तथा विस्तीर्ण ब्राह्मण है | यह वैदिक काल के दर्शन शास्त्र, धर्म शास्त्र, शैली और रीति-रिवाज के बारे में बताता है |

✍️ब्राह्मण का आखिरी भाग अरण्यकस था | इसके दो भाग ऋगवेद से जुड़े थे ; आइतारेय और कौसितकी |

✍️108 प्रकार के दर्शन शास्त्र हैं जिनका  सीधा संबंध आत्मा से है | इन्हे उपनिषद कहते हैं |

✍️बृहदर्णयका और चंदोग्य सबसे पुराने उपनिषद हैं |

✍️यह वचन “सत्यमेव जयते” मुंडका उपनिषद से लिया गया है|
 
आर्यन का संघर्ष~~~
✍️आर्यन के प्रथम दस्ते ने भारत में लगभग 1500 B . C  में आक्रमण किया |

✍️उन्हें भारत के मूल निवासियों जैसे दास व दस्यु से संघर्ष करना पड़ा|

✍️हालांकि दास को आर्यन की तरफ से कभी भी आक्रमण के लिए उत्तेजित नहीं किया गया, पर दस्यु हत्या का ऋग वेद में बारबार उल्लेख किया गया है |

✍️इन्द्र को ऋग वेद में पुरान्द्र के नाम से भी उल्लेख किया गया है जिसे किलों का भंजक भी कहा गया है |

✍️पूर्व आर्यन के किलों का उल्लेख हरप्पा संस्कृति की वजह से भी किया गया है |

✍️आर्यन मूल निवासियों पर इसलिए भी विजय प्राप्त कर पाये क्यूंकि उनके पास बेहतर हथियार,वरमान, तथा घोड़े वाले रथ थे |

✍️आर्यन् दो तरह के संघर्षों  में व्यस्त रहे  एक तो स्वदेशी लोग व अपने आप में |

✍️आर्यन को पाँच आदिवासी जातियों में विभाजित किया गया जिसे पंचजन कहा गया तथा गैर आर्यन की भी मदद प्राप्त की |

✍️आर्यन गोत्र के शासक भरत व त्रित्सु थे जिन्हे वसिष्ठ पुरोहित मदद करते थे |

✍️भारतवर्ष देश का नाम राजा भरत के ऊपर रखा गया
 
दशराजन युद्ध ~~~

✍️भारत पर भरत गोत्र के राजा ने शासन किया तथा उन्हें दस राजाओं का विरोध भी झेलना पड़ा; पाँच आर्यन तथा पाँच गैर आर्यन|

✍️इनके बीच में हुए युद्ध को दस राजाओं के युद्ध या दसराजन युद्ध के नाम से जाना  गया |

✍️परुषनी या रावी नदी पर किया गया युद्ध सूद के द्वारा जीता गया |

✍️बाद में भरत ने पुरू के साथ नाता जोड़ लिया जिससे कुरु नाम का नया गोत्र बना |

✍️बाद के वैदिक युग में कुरु व पांचालों ने गंगा के ऊपरी पठारों की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जहाँ उन्होने एक साथ राज किया |

 वैदिक काल की नदिया~~~

✍️सप्त सिंधु शब्द  या सात मुख्य नदियों के समूह का भारत के ऋग वेद में उल्लेख किया गया है |

✍️ वे सात नदियाँ थीं:

पूर्व में सरस्वती

पश्चिम में सिंधु

सतुद्रु (सतलुज)

विपासा (ब्यास)

असिक्नी(चेनाब)

परुषनी(रावी) और

वितस्ता( झेलम)
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भारत के प्रमुख बांध एवं नदी परियोजनाएँ

  • 📘📒ANS CLASSES📘📒
भारत के प्रमुख बांध एवं नदी परियोजनाएँ
💺1. इडुक्की परियोजना (Idukki Dam)
- पेरियार नदी (Periyar River)
- केरल (Kerala)
💺2. उकाई परियोजना (Ukai Project)
- ताप्ती नदी (Tapi river)
- गुुजरात (Gujarat)
💺3. काकड़ापारा परियोजना (Kakrapar project)
 - ताप्ती नदी (Tapi river)
- गुुजरात (Gujarat)
💺4. कोलडैम परियोजना (Koldam project)
- सतलुज नदी - (Sutlej River)
- हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
💺5. गंगासागर परियोजना (Ganga Sagar project)
- चम्बल नदी (Chambal River)
- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
💺6. जवाहर सागर परियोजना (Jawahar Sagar Project)
- चम्बल नदी (Chambal River)
- राजस्थान (Rajasthan)
💺7. जायकवाड़ी परियोजना (Jayakwadi project )
- गोदावरी नदी (Godavari river)
- महाराष्ट्र (Maharashtra)
💺8. टिहरी बाँध परियोजना (Tehri Dam Project)
- भागीरथी नदी (Bhagirathi River)
- उत्तराखण्ड (Uttarakhand)
💺9. तिलैया परियोजना (Tilaiya Project)
- बराकर नदी (Barakar River)
- झारखंड (Jharkhand)
💺10. तुलबुल परियोजना (Tulbul Project)
- झेलम नदी (Jhelum River)
- जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)
💺11. दुर्गापुर बैराज परियोजना (Durgapur Barrage Project)
- दामोदर नदी (Damodar River)
- पश्चिम बंगाल (West Bengal)
💺12. दुलहस्ती परियोजना (Dul Hasti Project )
- चिनाब नदी (Chenab River)
- जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)
💺13. नागपुर शक्ति गृह परियोजना (Nagpur Power Station Project)
- कोराडी नदी (Koradi River)
- महाराष्ट्र (Maharashtra)
💺14. नागार्जुनसागर परियोजना (Nagarjuna Sagar Project)
- कृष्णा नदी (Krishna River)
- आन्ध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)
💺15. नाथपा झाकरी परियोजना (Nathpa Jhakri project)
- सतलज नदी (Sutlej River)
- हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
💺16. पंचेत बांध (Panchet Dam)
- दामोदर नदी (Damodar River)
- झारखंड (Jharkhand)
💺17. पोचम्पाद परियोजना (Pochampad project)
- महानदी (Mahanadi)
- कर्नाटक (Karnataka)
💺18. फरक्का परियोजना (Farakka project)
- गंगा नदी (Ganges River )
- पश्चिम बंगाल (West Bengal)
💺19. बाणसागर परियोजना (Bansagar project)
- सोन नदी (Son River)
- मध्य प्रदेश (Madya Pradesh)
💺20. भाखड़ा नांगल परियोजना (Bhakra Nangal Project)
- सतलज नदी (Sutlej River)
- हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
💺21. भीमा परियोजना (Bhima Project)
- पवना नदी (Pavana River)
- तेलंगाना (Telangana)
💺22. माताटीला परियोजना (Matatila project )
- बेतवा नदी (Betwa River)
- उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
💺23. रंजीत सागर बांध परियोजना (Ranjit Sagar Dam Project )
- रावी नदी (Ravi River)
- जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)
💺24. राणा प्रताप सागर परियोजना (Rana Pratap Sagar Project )
- चम्बल नदी (Chambal River)
- राजस्थान (Rajasthan)
💺25. सतलज परियोजना (Sutlej Project)
- चिनाब नदी (Chenab River)
- जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)
💺26. सरदार सरोवर परियोजना (Sardar Sarovar Project)
- नर्मदा नदी (Narmada River)
- गुुजरात (Gujarat)
💺27. हिडकल परियोजना (Hidkal project)
- घाटप्रभा परियोजना (Ghataprabha River)
- कर्नाटक (Karnataka)
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9 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉





  • 📘📒ANS CLASSES📘📒
9 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉
1755 - ब्रिटिश जनरल एडवर्ड ब्रैडॉक, फ्रेंच और भारतीय युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए।
1766 - ब्रिटिश प्रीमियर रॉकिंगहाउस ने इस्तीफा दिया।
1780 - डेनमार्क ने तटस्थता की घोषणा की।
1793 - अपर कैनेडा में दासता के खिलाफ अधिनियम पारित किया गया।
1805 - मुहम्मद अली पाशा ने अपने राजवंश को मिस्र में पाया।
1810 - नेपोलियन ने हॉलैंड के राज्य पर कब्जा किया।
1815 – अमेरिका में पहले प्राकृतिक गैस के कुएं की खोज की गई।
1815 - चार्ल्स मौरिस द टैलेरांड पेरिगोर्ड, बनावेंट के राजकुमार फ्रांस के प्रधानमंत्री चुने गए।
1816 – दक्षिणी अमेरिकी देश अर्जेटीना ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की।
1842 - नोटरी स्टैम्प लॉ को मंजूरी मिली।
1852 – कनाडा के मांट्रियल शहर में 1100 निर्माणाधीन स्थल भयानक आग की चपेट में आने से खाक हो गये।
1868 - संयुक्त राज्य संविधान के चौदहवें संशोधन को स्वीकृति दी गई।
1875 – बम्बई स्टाॅक एक्सचेंज की स्थापना हुई। यह देश का पहला स्टॉक एक्सचेंज था।
1877 – पहली विंबल्डन टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
1889 – अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल का प्रकाशन शुरू हुआ।
1893 – डेनियल विलियम्स ने पहली बार बिना ऐनिस्थिसिया के ओपन हार्ट सर्जरी की।1944 – नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी ने भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराने के लिए आजाद हिंद फ़ौज का नेतृत्व स्वीकार किया था।
1944 - अमेरिका ने सायपन की लड़ाई जीत में हासिल की।
1951 – भारत की प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) की शुरुआत हुई।
1969 – वन्यजीव बोर्ड की तरफ से शेर को देश का राष्ट्रीय पशु चुना गया।
1972 – सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1982 – लंदन में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के ऑलराउंडर इयान बॉथम ने अपने करियर का सर्वोच्च स्कोर 208 रन बनाया। यह मैच ड्रॉ समाप्त हुआ।
1991 – दक्षिण अफ्रीका को ओलंपिक खेलों में दोबारा भाग लेने की अनुमति मिली।
2000 - फिजी में जार्ज स्पीट तथा सैन्य नेताओं के मध्य समझौता सम्पन्न।
2001 - भारत द्वारा पाक सीमा पर दो चौकियां स्थापित करने की घोषणा।
2002 - आर्गेनाइजेशन आफ़ अफ़्रीकन यूनिटी का नाम बदलकर अफ़्रीकन यूनियन किया गया।
2002 – इथोपिया की राजधानी आदिस अबाबा में अफ्रीकी संघ की स्थापना। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति थाबो म्बेकी इसके पहले अध्यक्ष बने।
2004 - एशियाई विकास बैंक ने आतंकवाद से लड़ने हेतु अपने 42 सदस्य देशों के लिए एक कोष बनाया।
2006 – साइबेरिया के इरकुर्त्सक हवाई अड्डे के रनवे पर शिबिर एयरलाइंस ए 310 के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से कम से कम 122 लोगों की मौत।
2007 - भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक हिमांशु जैन को ग्लास साइंस के क्षेत्र में ध्यातत्व कार्य हेतु ओट्टो स्कॉट रिसर्च पुरस्कार प्रदान किया गया।
2008 - ईरान ने लम्बी एवं मध्यम दूरी तक प्रहार क्षमता वाले नौ प्रक्षेपास्त्रों का परीक्षण किया।
2011 – अफ्रीका का सूडान दो हिस्सों में बंट गया। दक्षिणी हिस्सा रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान बना।
2019 - शेख हसीना नेशनल बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी इंस्टीट्यूट नाम के दुनिया के सबसे बड़े जलने और प्लास्टिक सर्जरी इंस्टीट्यूट ने ढाका, बांग्लादेश में अपना कामकाज शुरू किया।
9 जुलाई को जन्मे व्यक्ति👉
1845 - लॉर्ड मिण्टो द्वितीय - 1905 से 1910 ई. तक भारत का वाइसराय तथा गवर्नर-जनरल रहा।
1900 - सत्य नारायण सिन्हा - 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' के राजनेता, संसदीय मामलों के मंत्री तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।
1923 - मानकभाई अग्रवाल - दूसरी लोकसभा के सदस्य।
1925 – हिंदी फिल्मों के कलाकार / अभिनेता गुरुदत्त का बेंगलुरू में जन्म हुआ।
1930 - के. बालाचंदर, फ़िल्म निर्माता निर्देशक और पटकथा लेखक।
1938 - संजीव कुमार - भारतीय अभिनेता।
1944 - तबस्सुम हिन्दी फ़िल्मों की अभिनेत्री ।
1948 - राधाबिनोद कोइजम - भारतीय राजनीतिज्ञ।
9 जुलाई को हुए निधन👉
1991 - शेरी भोपाली - एक सुप्रसिद्ध शायर।
2010 - जेसिका मार्गरेट एंडरसन एक ऑस्ट्रेलियाई उपन्यासकार और लघु कथाकार थीं।
2011 - डाबर समूह के अशोक बर्मन की लंदन में मृत्यु।
9 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉
⭐ अभिनेता श्री संजीव कुमार जयन्ती ।
⭐  अभिनेता श्री गुरु दत्त जयन्ती ।
⭐ राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस ।
कृपया ध्यान दें जी👉
    यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है ।

Tulsa Coronavirus spike after Donald Trump rally 'likely' linked: Official


President Donald Trump’s controversial rally and other mass events in Tulsa last month “more than likely” contributed to a local surge in coronavirus cases, according to the health authorities in the southern US state of Oklahoma on Wednesday.

Tulsa County has seen record daily new COVID-19 cases this week, including 266 on Wednesday, after having witnessed a decline over the previous two weeks.

Several thousand supporters of the Trump defied the pandemic to attend the fiery rally last month, which was hyped as a major campaign relaunch ahead of the November election.

Tulsa health department director Bruce Dart said,”The past two days we’ve had almost 500 cases, and we know we had several large events a little over two weeks ago, which is about right”, adding that “So I guess we just connect the dots”.

People infected with COVID-19 can take around two weeks to display symptoms.

Six members of his own Tulsa advance team had tested positive for COVID-19 after the rally.

The rally has been controversial not just because of the virus risk. Originally it was scheduled for June 19 — the Juneteenth commemoration of the end of slavery in the US — in a city known for one of the deadliest-ever massacres of African Americans.

Earlier, Trump has claimed victory over the pandemic that has killed some 120,000 Americans, saying “I have done a phenomenal job with it!”

Several members of the Republican billionaire’s campaign team tested positive for the coronavirus before and after the rally, as did Secret Service agents.

The night of the rally, almost 1,000 counter-protesters also gathered in the city.

The Tulsa rally was Trump’s first such campaign event since the coronavirus pandemic began in March.


राष्ट्रीय_सुरक्षा_गार्ड

 # राष्ट्रीय_सुरक्षा_गार्ड #३६वां_स्थापना_दिवस #१५_अक्टूबर_२०२० ३६ साल से सर्वत्र, सर्वोत्तम सुरक्षा में तैनात NSG कमांडो, देश को है नाज ❤️...